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हमारे विषय में

इस वेब पोर्टल का मुख्य लक्ष्य विशेष रूप से वैदिक वांग्मय का प्रचार व प्रसार है। यह पोर्टल वैदिक अनुसन्धान संस्थान (Vedic Research Foundation) के अंतर्गत चल रहा है। वैदिक अनुसन्धान संस्थान का लक्ष्य “मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्” इस वैदिक उद्घोष को चरितार्थ करना है।
वैदिक अनुसन्धान संस्थान का मानना है कि सम्पूर्ण विश्व एक परिवार की भान्ति है और सभी मनुष्य उस परिवार के सदस्य हैं – वसुधैव कुटुम्बकम। सम्पूर्ण मानव जाति में विचारों की समानता ही आने वाले समय में सुख का मूल मन्त्र है और यह शिक्षा केवल वेद ही प्रदान करता है। ऋग्वेद का अंतिम सूक्त ही संगठन सूक्त है, जिसमें  ‘संगच्छध्वं संवदध्वं….’ , ‘समानो मन्त्रः समितिः समानी…..’  जैसे मन्त्रों द्वारा मिलकर चलने, बोलने व आचरण की शिक्षा दी गई है।
वेद की संपूर्ण उपयोगी शिक्षाओं को मानवमात्र तक पहुँचाना हमारा कर्त्तव्य है। इसलिए आपका यह अपना पोर्टल आप के लिए सरल व सहज रूप में उपरिलिखित सद्भावनापूर्ण लक्ष्य को पूर्ण करने में प्रयत्नशील है। आप सभी हम सबकी धरोहर इस वैदिक वांग्मय से न केवल स्वयं लाभ प्राप्त करें, अपितु इसके प्रचार व प्रसार में भी सहयोगी बनें।

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